Poem 1: My Mother at Sixty-Six – Summary
In English:
The poem “My Mother at Sixty-Six” by Kamala Das is an emotional reflection on the poet’s feelings about aging and the fear of losing loved ones. While traveling to the airport with her mother, the poet notices her mother’s pale and weak face, which resembles that of a corpse. This realisation fills her with sorrow and a deep fear of separation. To distract herself, she looks outside at the trees and children playing, symbolizing life and energy. However, as she bids farewell at the airport, she is reminded of her childhood fear of losing her mother. Despite her sadness, she smiles and reassures her mother, though internally, she struggles with the pain of parting.
In Hindi (हिंदी में सारांश):
कविता “My Mother at Sixty-Six” (मेरी साठ वर्ष की माँ) कमला दास द्वारा लिखित एक भावनात्मक कविता है, जो माँ की बढ़ती उम्र और बिछड़ने के डर को दर्शाती है। जब कवयित्री अपनी माँ के साथ हवाई अड्डे की यात्रा कर रही होती है, तो वह देखती है कि उसकी माँ का चेहरा पीला और कमजोर है, जो एक शव के समान लगता है। यह देखकर कवयित्री के मन में गहरा दुख और अलगाव का भय उत्पन्न होता है। अपने विचारों को भटकाने के लिए वह खिड़की से बाहर झाँकती है, जहाँ हरे-भरे पेड़ और खेलते हुए बच्चे जीवन और ऊर्जा का प्रतीक बनते हैं। हवाई अड्डे पर अपनी माँ को अलविदा कहते समय, वह अपने बचपन के उसी डर को महसूस करती है—अपनी माँ को खो देने का भय। हालाँकि, अपने दुख को छिपाते हुए वह मुस्कुराती है और माँ को आश्वासन देती है, लेकिन भीतर ही भीतर वह दर्द से भरी होती है।
Moral of the Poem “My Mother at Sixty-Six”
In English:
The poem teaches us the harsh reality of aging and the inevitable separation from loved ones. It emphasizes the importance of cherishing every moment with our parents and expressing our love and care for them while they are still with us. It also highlights the poet’s attempt to hide her pain with a smile, reminding us that sometimes, we must stay strong for our loved ones even when we feel emotional.
In Hindi (नैतिक शिक्षा):
यह कविता हमें वृद्धावस्था की कठोर सच्चाई और अपनों से बिछड़ने की अनिवार्यता सिखाती है। यह इस बात पर जोर देती है कि हमें अपने माता-पिता के साथ बिताए गए हर पल को संजोना चाहिए और उनके प्रति अपना प्रेम और देखभाल व्यक्त करनी चाहिए जब तक वे हमारे साथ हैं। यह कविता यह भी दर्शाती है कि कवयित्री अपने दुख को मुस्कान से छिपाने का प्रयास करती है, जिससे हमें यह सीख मिलती है कि कभी-कभी हमें अपने प्रियजनों के लिए मजबूत बने रहना पड़ता है, भले ही हम भीतर से भावुक हों।