Q.1. What is Saheb looking for in the garbage dumps? Where is he and where has he come from?
(व्हाट इज़ साहेब लुकिंग फॉर इन द गार्बेज डम्प्स? वेयर इज़ ही एंड वेयर हैज़ ही कम फ्रॉम?)
Q.1. साहेब कूड़े के ढेर में क्या ढूंढता है? वह कहाँ है और कहाँ से आया है?
Answer / उत्तर:
English: Saheb is looking for gold (coins or valuable items) in the garbage dumps. He is currently living in Seemapuri, Delhi, and has come from Dhaka, Bangladesh, after storms destroyed their homes and fields.
(साहेब इज़ लुकिंग फॉर गोल्ड (कॉइन्स और वैल्यूएबल आइटम्स) इन द गार्बेज डम्प्स. ही इज़ करेंटली लिविंग इन सीमापुरी, दिल्ली, एंड हैज़ कम फ्रॉम ढाका, बांग्लादेश, आफ्टर स्टॉर्म्स डिस्ट्रॉयड देयर होम्स एंड फील्ड्स.)
Hindi: साहेब कूड़े के ढेर में सोने (सिक्के या कीमती चीजें) की तलाश कर रहा है। वह वर्तमान में सीमापुरी, दिल्ली में रह रहा है और बांग्लादेश के ढाका से आया है, जहाँ तूफानों ने उनके घरों और खेतों को तबाह कर दिया था।
Q.2. What explanations does the author offer for the children not wearing footwear?
(व्हाट एक्सप्लेनेशन्स डज़ द ऑथर ऑफर फॉर द चिल्ड्रेन नॉट वेयरिंग फुटवेयर?)
Q.2. लेखक बच्चों के नंगे पांव रहने का क्या कारण बताते हैं?
Answer / उत्तर:
English: The author offers two explanations: one is that it is a traditional custom to remain barefoot rather than a lack of money, while another explanation points to perpetual poverty that leaves them unable to afford shoes.
(द ऑथर ऑफर्स टू एक्सप्लेनेशन्स: वन इज़ दैट इट इज़ ए ट्रेडिशनल कस्टम टू रिमेन बेयरफुट रादर दैन ए लैक ऑफ मनी, व्हाइल अनदर एक्सप्लेनेशन पॉइंट्स टू पर्पेचुअल पॉवर्टी दैट लीव्स देम अनेबल टू अफोर्ड शूज़.)
Hindi: लेखक दो कारण बताते हैं: एक यह कि नंगे पैर रहना पैसे की कमी के बजाय एक पारंपरिक परंपरा है, जबकि दूसरा कारण लगातार बनी रहने वाली गरीबी है जिसके कारण वे जूते खरीदने में असमर्थ हैं।
Q.3. Is Saheb happy working at the tea-stall? Explain.
(इज़ साहेब हैप्पी वर्किंग एट द टी-स्टॉल? एक्सप्लेन.)
Q.3. क्या साहेब चाय की दुकान पर काम करके खुश है? समझाइए।
Answer / उत्तर:
English: No, Saheb is not happy working at the tea-stall. Although he gets paid 800 rupees and all his meals, he has lost his freedom and is no longer his own master. The steel canister feels heavier than his plastic bag.
(नो, साहेब इज़ नॉट हैप्पी वर्किंग एट द टी-स्टॉल. ऑलदो ही गेट्स पेड 800 रुपीज़ एंड ऑल हिज़ मील्स, ही हैज़ लॉस्ट हिज़ फ्रीडम एंड इज़ नो लॉन्गर हिज़ ओन मास्टर. द स्टील कैनिस्टर फील्स हैवियर दैन हिज़ प्लास्टिक बैग.)
Hindi: नहीं, साहेब चाय की दुकान पर काम करके खुश नहीं है। हालाँकि उसे 800 रुपये और भोजन मिलता है, लेकिन उसने अपनी स्वतंत्रता खो दी है और अब वह खुद का मालिक नहीं रहा। लोहे का कनस्तर उसे अपने प्लास्टिक के थैले से ज्यादा भारी लगता है।
Q.4. What makes the city of Firozabad famous?
(व्हाट मेक्स द सिटी ऑफ फिरोज़ाबाद फेमस?)
Q.4. फिरोजाबाद शहर को किस चीज़ के लिए जाना जाता है?
Answer / उत्तर:
English: Firozabad is famous for its glass bangles. It is the center of India’s glass-blowing industry, where generations of families have been engaged in making bangles for women across the country.
(फिरोज़ाबाद इज़ फेमस फॉर इट्स ग्लास बैंगल्स. इट इज़ द सेंटर ऑफ इंडियाज़ ग्लास-ब्लोइंग इंडस्ट्री, वेयर जनरेशन्स ऑफ फैमिलीज हैव बीन एंगेज्ड इन मेकिंग बैंगल्स फॉर विमेन अक्रॉस द कंट्री.)
Hindi: फिरोजाबाद कांच की चूड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह भारत के कांच उद्योग का केंद्र है, जहाँ परिवारों की कई पीढ़ियाँ देश भर की महिलाओं के लिए चूड़ियाँ बनाने में लगी हुई हैं।
Q.5. Mention the hazards of working in the glass bangles industry.
(मेंशन द हैज़र्ड्स ऑफ वर्किंग इन द ग्लास बैंगल्स इंडस्ट्री.)
Q.5. कांच की चूड़ियाँ बनाने के काम में क्या-क्या खतरे होते हैं?
Answer / उत्तर:
English: Workers work in dingy cells without air and light, near high-temperature furnaces. The bright light and glass dust damage their eyes, often leading to blindness before they reach adulthood, along with severe respiratory and health problems.
(वर्कर्स वर्क इन डिंजी सेल्स विदाउट एयर एंड लाइट, नियर हाई-टम्परेचर फर्नेसेज़. द ब्राइट लाइट एंड ग्लास डस्ट डैमेज देयर आइज़, ऑफन लीडिंग टू ब्लाइंडनेस बिफोर दे रीच एडल्टहुड, अलोंग विद सीवियर रेस्पिरेटरी एंड हेल्थ प्रॉब्लम्स.)
Hindi: मजदूर बिना हवा और रोशनी की अंधेरी कोठरियों में, उच्च तापमान वाली भट्टियों के पास काम करते हैं। तेज रोशनी और कांच की धूल उनकी आंखों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे वयस्कावस्था में पहुंचने से पहले ही अक्सर वे अंधे हो जाते हैं, साथ ही उन्हें गंभीर सांस और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं।
Q.6. Who is Mukesh? What is his dream?
(हू इज़ मुकेश? व्हाट इज़ हिज़ ड्रीम?)
Q.6. मुकेश कौन है? उसका सपना क्या है?
Answer / उत्तर:
English: Mukesh is a young boy from a bangle-making family in Firozabad. His dream is to break away from his family tradition and become a motor mechanic and drive a car.
(मुकेश इज़ ए यंग बॉय फ्रॉम ए बैंगल-मेकिंग फैमिली इन फिरोज़ाबाद. हिज़ ड्रीम इज़ टू ब्रेक अवे फ्रॉम हिज़ फैमिली ट्रेडिशन एंड बिकम ए मोटर मेकैनिक एंड ड्राइव ए कार.)
Hindi: मुकेश फिरोजाबाद के चूड़ी बनाने वाले परिवार का एक युवा लड़का है। उसका सपना अपनी पारिवारिक परंपरा को तोड़ना और मोटर मैकेनिक बनना तथा कार चलाना है।
Q.7. How is Mukesh’s attitude to his situation different from that of his family?
(हाउ इज़ मुकेश्स एटीट्यूड टू हिज़ सिचुएशन डिफरेंट फ्रॉम दैट ऑफ हिज़ फैमिली?)
Q.7. मुकेश का अपने हालातों के प्रति रवैया अपने परिवार से कैसे अलग है?
Answer / उत्तर:
English: While his family accepts their poverty and lineage as their destiny (‘karam’), Mukesh dares to dream differently. He shows determination to walk to a garage and learn to be a motor mechanic.
(व्हाइल हिज़ फैमिली एक्सेप्ट्स देयर पॉवर्टी एंड लिनिएज ऐज़ देयर डेस्टिनी (‘कर्म’), मुकेश डेअर्स टू ड्रीम डिफरेंटली. ही शोज़ डिटरमिनेशन टू वॉक टू ए गैराज एंड लर्न टू बी ए मोटर मेकैनिक.)
Hindi: जबकि उसका परिवार अपनी गरीबी और चूड़ी बनाने की परंपरा को अपना भाग्य (‘कर्म’) मानकर स्वीकार करता है, मुकेश अलग सपना देखने का साहस करता है। वह गैरेज तक चलकर जाने और मोटर मैकेनिक बनने की सीख लेने का दृढ़ संकल्प दिखाता है।
Q.8. What does the title “Lost Spring” symbolize?
(व्हाट डज़ द टाइटल “लॉस्ट स्प्रिंग” सिम्बलाइज़?)
Q.8. शीर्षक “लॉस्ट स्प्रिंग” किसका प्रतीक है?
Answer / उत्तर:
English: ‘Spring’ symbolizes childhood—a time of joy, hope, and growth. The title ‘Lost Spring’ symbolizes the stolen childhood of millions of poor children who are forced into child labor and extreme poverty.
(‘स्प्रिंग’ सिम्बलाइज़िज़ चाइल्डहुड—ए टाइम ऑफ जॉय, होप, एंड ग्रोथ. द टाइटल ‘लॉस्ट स्प्रिंग’ सिम्बलाइज़िज़ द स्टोलेन चाइल्डहुड ऑफ मिलियन्स ऑफ पुअर चिल्ड्रेन हू आर फोर्स्ड इनटू चाइल्ड लेबर एंड एक्सट्रीम पॉवर्टी.)
Hindi: ‘स्प्रिंग’ (वसन्त) बचपन का प्रतीक है—जो खुशी, आशा और विकास का समय होता है। ‘लॉस्ट स्प्रिंग’ शीर्षक उन लाखों गरीब बच्चों के छीने गए बचपन का प्रतीक है जो बाल श्रम और अत्यधिक गरीबी में जीने के लिए मजबूर हैं।
Q.9. What does garbage mean to the children of Seemapuri?
(व्हाट डज़ गार्बेज मीन टू द चिल्ड्रेन ऑफ सीमापुरी?)
Q.9. सीमापुरी के बच्चों के लिए कचरे का क्या महत्व है?
Answer / उत्तर:
English: For adults, garbage is a means of survival, but for the children of Seemapuri, it is wrapped in wonder, as they hope to find a rupee, a ten-rupee note, or a coin in it.
(फॉर एडल्ट्स, गार्बेज इज़ ए मीन्स ऑफ सर्वाइवल, बट फॉर द चिल्ड्रेन ऑफ सीमापुरी, इट इज़ रैप्ड इन वंडर, ऐज़ दे होप टू फाइंड ए रुपी, ए टेन-रुपी नोट, और ए कॉइन इन इट.)
Hindi: बड़ों के लिए कचरा आजीविका (जीविका) का साधन है, लेकिन सीमापुरी के बच्चों के लिए यह आश्चर्य से लिपटा हुआ है, क्योंकि उन्हें इसमें एक रुपया, दस रुपये का नोट या सिक्का मिलने की उम्मीद रहती है।
Q.10. What message does “Lost Spring” convey?
(व्हाट मैसेज डज़ “लॉस्ट स्प्रिंग” कन्वे?)
Q.10. कहानी “लॉस्ट स्प्रिंग” क्या संदेश देती है?
Answer / उत्तर:
English: The story conveys the tragic reality of child labor and systemic poverty in India. It highlights the urgent need for education, strict enforcement of child labor laws, and social empathy to restore the lost childhood of these underprivileged children.
(द स्टोरी कन्वेज़ द ट्रैजिक रियल्टी ऑफ चाइल्ड लेबर एंड सिस्टेमिक पॉवर्टी इन इंडिया. इट हाइलाइट्स द अर्जेंट नीड फॉर एजुकेशन, स्ट्रिक्ट एनफोर्समेंट ऑफ चाइल्ड लेबर लॉज़, एंड सोशल एम्पेथी टू रिस्टोर द लॉस्ट चाइल्डहुड ऑफ दीज़ अंडरप्रिविलेग्ड चिल्ड्रेन.)
Hindi: यह कहानी भारत में बाल श्रम और प्रणालीगत गरीबी की दुखद वास्तविकता को उजागर करती है। यह इन वंचित बच्चों के खोए हुए बचपन को वापस लौटाने के लिए शिक्षा, बाल श्रम कानूनों के कड़ाई से पालन और सामाजिक सहानुभूति की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है।
Short Questions and Answers
Q.1. What is Saheb looking for in the garbage dumps? Where is he and where has he come from?
साहेब कूड़े के ढेर में क्या ढूंढता है? वह कहाँ है और कहाँ से आया है?
Answer: Saheb is looking for something valuable like coins or useful items in the garbage. He lives in Seemapuri and has come from Dhaka, Bangladesh.
उत्तर: साहेब कूड़े में कोई कीमती चीज या सिक्के ढूंढता है। वह सीमापुरी में रहता है और ढाका, बांग्लादेश से आया है।
Q 2. What explanations does the author offer for the children not wearing footwear?
लेखक बच्चों के नंगे पांव रहने का क्या कारण बताते हैं?
Answer: The author says some children are too poor to buy shoes. Some say it’s a tradition or custom to stay barefoot.
उत्तर: लेखक कहते हैं कि कुछ बच्चे इतने गरीब हैं कि जूते नहीं खरीद सकते। कुछ बच्चे इसे परंपरा या आदत बताते हैं।
Q.3. Is Saheb happy working at the tea-stall? Explain.
क्या साहेब चाय की दुकान पर काम करके खुश है? समझाइए।
Answer : No, Saheb is not happy. He earns money now but has lost his freedom. He works under someone and does not feel free like before.
उत्तर: नहीं, साहेब खुश नहीं है। अब वह पैसे तो कमाता है, लेकिन उसकी आज़ादी छिन गई है। वह अब किसी और के अधीन काम करता है और पहले जैसा आज़ाद महसूस नहीं करता।
Q.4. What makes the city of Firozabad famous?
फिरोजाबाद शहर को किस चीज़ के लिए जाना जाता है?
Answer: Firozabad is famous for its glass bangle industry. Almost every family in the city is involved in making glass bangles.
उत्तर: फिरोजाबाद अपने कांच की चूड़ियों के उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। वहां लगभग हर परिवार चूड़ियाँ बनाने के काम से जुड़ा है।
Q.5. Mention the hazards of working in the glass bangles industry.
कांच की चूड़ियाँ बनाने के काम में क्या-क्या खतरे होते हैं?
Answer: Working in the glass bangle industry is dangerous. Workers suffer from burns, poor eyesight, and many become blind. They work in dark and hot places which affect their health badly.
उत्तर: चूड़ियाँ बनाने का काम खतरनाक होता है। काम करने वालों को जलने, आंखों की रोशनी कमजोर होने और अंधेपन जैसी समस्याएं होती हैं। वे अंधेरे और गर्म कमरों में काम करते हैं जो सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है।
Q.6. Who is Mukesh? What is his dream? (मुकेश कौन है? उसका सपना क्या है?)
Answer: Mukesh is a boy from Firozabad. His dream is to become a motor mechanic.
उत्तर: मुकेश फिरोजाबाद का एक लड़का है। उसका सपना मोटर मैकेनिक बनना है।
Q.7. How is Mukesh’s attitude to his situation different from that of his family?
मुकेश का अपने हालातों के प्रति रवैया अपने परिवार से कैसे अलग है?
Answer: Mukesh wants to break the tradition. Unlike his family, he dreams of becoming a motor mechanic. He wants to choose a different path and live a better life.
उत्तर: मुकेश अपनी पारिवारिक परंपरा को तोड़ना चाहता है। वह अपने परिवार की तरह चूड़ियाँ नहीं बनाना चाहता। वह मोटर मैकेनिक बनना चाहता है और एक बेहतर जीवन जीना चाहता है।
Q.8. What does the title “Lost Spring” symbolize?
शीर्षक “लॉस्ट स्प्रिंग” किसका प्रतीक है?
Answer: The title symbolizes the lost childhood of poor children who are forced into labor instead of enjoying their childhood.
उत्तर: शीर्षक उन गरीब बच्चों के खोए हुए बचपन का प्रतीक है, जिन्हें खेलने-कूदने के बजाय मजदूरी करनी पड़ती है।
Q.9. What does garbage mean to the children of Seemapuri?
सीमापुरी के बच्चों के लिए कचरे का क्या महत्व है?
Answer: For the children, garbage is a source of livelihood and sometimes a way to find something valuable.
उत्तर: सीमापुरी के बच्चों के लिए कचरा जीवनयापन का साधन है और कभी-कभी उन्हें उसमें कुछ कीमती चीजें भी मिल जाती हैं।
Q.10. What message does “Lost Spring” convey?
कहानी “लॉस्ट स्प्रिंग” क्या संदेश देती है?
Answer: The story highlights poverty, child labor, and the need for education and opportunities for poor children.
उत्तर: यह कहानी गरीबी, बाल श्रम, और गरीब बच्चों के लिए शिक्षा और अवसरों की आवश्यकता को उजागर करती है।