कक्षा – 11 हिन्दी (आरोह भाग-1)
अध्याय 1: हम तो एक एक करि जाना — कबीर
प्र. 1. कबीर ने ईश्वर के कितने रूप माने हैं?
उ. एक।
प्र. 2. कबीर को ‘वाणी का डिक्टेटर’ किसने कहा है?
उ. हजारी प्रसाद द्विवेदी।
प्र. 3. कबीर भक्तिकाल की किस धारा के कवि हैं?
उ. निर्गुण धारा के।
प्र. 4. जगत क्या देखकर मोहित हो रहा है?
उ. माया देखकर।
प्र. 5. कबीर ने कौन-सी भाषा का प्रयोग किया है?
उ. सधुक्कड़ी भाषा का।
प्र. 6. मानव शरीर का निर्माण किन पाँच तत्वों से हुआ है?
उ. अग्नि, जल, वायु, धरती और आकाश आदि पाँच तत्वों से मानव शरीर का निर्माण हुआ है।
प्र. 7. कबीर ने अपने को ‘दीवाना’ क्यों कहा है?
उ. कबीर ने माया, मोह एवं आडंबरों-पाखंडों से दूर होकर परमात्मा के सच्चे स्वरूप का साक्षात्कार कर लिया है। उनकी अनन्य भक्ति ने उन्हें दीवाना कर दिया है।
प्र. 8. अज्ञानी गुरुओं की शरण में जाने पर शिष्यों की क्या गति होती है?
उ. गुरु अपने शिष्यों को परमात्मा से साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है, किन्तु अज्ञानी गुरुओं की शरण में जाने वाले शिष्य माया-मोह एवं आडंबरों में लिप्त होकर अज्ञान के पथ पर अग्रसर हो जाते हैं। अन्त में उनको पछताना पड़ता है।
प्र. 9. परमात्मा को पाने के लिए कबीर किन बुराइयों से बचने की सलाह देते हैं?
उ. कबीर के अनुसार मनुष्य माया-मोह, अज्ञान, पाखण्ड इत्यादि बुराइयों से बचकर सरलता से परमात्मा को प्राप्त कर सकता है।
प्र. 10. कबीरदास जी ने किस प्रकार आत्मा को अविनाशी सिद्ध किया है?
उ. कबीरदास जी कहते हैं कि जिस प्रकार बढ़ई लकड़ी को काट सकता है, किन्तु उसके अन्दर छिपी अग्नि को नहीं; उसी प्रकार भौतिक शरीर को तो नष्ट किया जा सकता है, किन्तु अजर-अमर अविनाशी आत्मा को नहीं।
अध्याय 2: मेरे तो गिरधर गोपाल — मीराबाई
प्र. 1. मीरा के आराध्य देव कौन हैं?
उ. श्रीकृष्ण।
प्र. 2. मीरा की भक्ति किस भाव की थी?
उ. दाम्पत्य भाव।
प्र. 3. मीरा ने कृष्ण को किस रूप में स्वीकार किया है?
उ. पति रूप में।
प्र. 4. मीरा की भाषा है?
उ. राजस्थानी।
प्र. 5. (i) मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं और क्यों?
(ii) मीरा किसे अपना पति मानती हैं और क्यों?
उ. मीरा कृष्ण को अपना पति मानती हैं और उनकी उपासना दाम्पत्य भाव से करती हैं क्योंकि मोर मुकुट पहनने वाले श्रीकृष्ण का स्वरूप अत्यन्त मनोरम और प्रिय है।
प्र. 6. लोग मीरा को बावरी क्यों कहते हैं?
उ. मीरा कृष्ण को अपना पति मान राज-परिवार, रिश्ते-नाते त्यागकर पैरों में घुँघरू बाँधकर सार्वजनिक रूप से नाचा करती थीं। जिससे उन्हें समाज के उलाहने भी मिले, किन्तु उनकी भक्ति में तनिक भी कमी नहीं आई। अतः सभी लोग उन्हें बावरी कहते हैं।
प्र. 7. मीरा जगत को देखकर क्यों रोती हैं?
उ. मीरा कृष्ण की अनन्य भक्त हैं और उन्हें अपना पति मानकर सर्वस्व न्योछावर कर देती हैं, किन्तु सांसारिक लोग निजी स्वार्थ के चलते उनकी आलोचना करते हैं।
प्र. 8. आनन्द फल प्राप्ति के लिए मीरा ने क्या किया?
उ. आनन्द फल प्राप्ति के लिए मीरा ने अनेक कष्ट सहे, यातनाएँ सहीं। कुल की मान-मर्यादाओं को त्याग मन्दिरों में गाती-नाचती थीं। अपने आँसुओं के जल से कृष्ण रूपी प्रेम-बेल को सींचकर बड़ा किया और उनसे प्राप्त आनन्द फल को सहज भाव से स्वीकार किया।
अध्याय 3: घर की याद — भवानी प्रसाद मिश्र
प्र. 1. ‘कविता का गाँधी’ किसे कहा जाता है?
उ. भवानी प्रसाद मिश्र को।
प्र. 2. कवि ने ‘घर की याद’ कविता कहाँ लिखी है?
उ. जेल प्रवास में।
प्र. 3. कवि के पिता कितनी दंड-बैठक लगाते हैं?
उ. 260.
प्र. 4. ‘घर की याद’ कविता किस ऋतु में लिखी गई है?
उ. वर्षा ऋतु में।
प्र. 5. कवि ने पाँचवाँ अभागा किसे कहा है?
उ. भवानी प्रसाद मिश्र (स्वयं को)।
प्र. 6. पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के घिरने में परस्पर क्या संबंध है?
उ. वर्षा होने पर मन में प्रेम की भावनाएँ उमड़ने लगती हैं। जैसे-जैसे पानी रात भर लगातार बरस रहा है, वैसे-वैसे कवि के प्राण-मन में भी अपने घर वालों की स्मृतियाँ किसी चलचित्र की भाँति निरन्तर उभर रही हैं।
प्र. 7. मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को ‘परिताप का घर’ क्यों कहा है?
उ. कवि कारावास में सोच रहा है कि सावन में उसकी विवाहित बहन अपने मायके आई होगी, किन्तु घर पर सब परिजनों के बीच भवानी नहीं दिखा होगा तो उसे मायका खुशी प्राप्त करने की जगह परिताप अर्थात् दुःखों का घर लगा होगा।
प्र. 8. कवि ने पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?
उ. कवि के अनुसार उनके पिता बुढ़ापे में भी अत्यन्त फुर्तीले, जोशीले, प्रतिदिन कड़ा व्यायाम करते हैं। दो सौ साठ दंड-बैठक एवं भारी मुगदरों को खिलौनों की तरह नचाते हैं। वह सहृदय, स्वभाव से साहसी एवं धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। बाहर से कठोर किन्तु अन्दर से अत्यन्त कोमल हैं।
प्र. 9. कवि ने अपनी माँ के बारे में क्या भाव व्यक्त किये हैं?
उ. कवि के अनुसार उनकी माँ अनपढ़ होते हुए भी अत्यन्त धैर्यवान, स्वाभिमानी तथा देशभक्ति से परिपूर्ण महिला थीं। कवि की माँ वात्सल्य से परिपूर्ण अपने पति तथा बच्चों का ध्यान रखने वाली धार्मिक महिला हैं। कवि के हृदय में अपनी माँ के प्रति अपार श्रद्धा, स्नेह एवं आदर के भाव हैं।
अध्याय 4: चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती — त्रिलोचन
प्र. 1. त्रिलोचन लिखित कविता में लड़की का क्या नाम है?
उ. चंपा।
प्र. 2. त्रिलोचन का वास्तविक नाम है?
उ. वासुदेव सिंह।
प्र. 3. चंपा किसकी लड़की है?
उ. सुन्दर की।
प्र. 4. चंपा का पिता सुन्दर क्या काम करता है?
उ. ग्वाला है।
प्र. 5. चंपा क्या काम करती है?
उ. चरवाही का।
प्र. 6. चंपा कवि की क्या वस्तु छुपा देती है?
उ. कवि की कलम।
प्र. 7. कवि को चंपा की किस बात पर अचरज होता है और क्यों?
उ. चंपा निरक्षर थी, इसलिए वह समझ ही नहीं पाती कि कागज़ पर अंकित काले चिन्हों से ध्वनियाँ कहाँ से आती हैं और कवि अपने स्वर में कैसे बोल लेता है।
प्र. 8. चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि ‘कलकत्ता पर बजर गिरे’?
उ. चंपा के बाल-मन में यह बात घर कर गई कि लोग पढ़-लिखकर धन कमाने महानगरों में पलायन कर जाते हैं, जिससे उनके घर वालों को अत्यधिक कष्ट सहने पड़ते हैं। अतः उसे आशंका है कि कहीं उसका पति भी कलकत्ता चला गया तो वह कदापि वापस लौटेगा। अनिष्ट की आशंका में कलकत्ता पर वज्रपात की बात कहती है।
प्र. 9. कवि ने चंपा की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?
उ. (1) चंचल स्वभाव (2) भविष्य के प्रति चिंतित (3) शोषक व्यवस्था की विद्रोही।
प्र. 10. (i) चंपा को इस पर विश्वास नहीं होता कि गाँधी बाबा ने पढ़ने-लिखने की बात कही होगी?
(ii) कविता में गाँधी का प्रसंग कब और क्यों आया?
उ. कवि जब चंपा को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करते हुए कहते हैं कि गाँधी जी चाहते थे कि देश के सभी नागरिक साक्षर बनें, जबकि चंपा पढ़ाई-लिखाई के प्रति पूरी तरह उदासीन थी। इसलिए चंपा को विश्वास नहीं होता कि गाँधी जी यह बात कही होगी, क्योंकि वह गाँधी का बहुत आदर करती है।
अध्याय 5: ग़ज़ल — दुष्यंत कुमार
प्र. 1. चिरागाँ किसके लिए तय थे?
उ. हर घर के लिए।
प्र. 2. चिरागाँ किसका प्रतीक है?
उ. जनता की सुख-सुविधाओं का प्रतीक है।
प्र. 3. कवि दुष्यंत कुमार किस बात के लिए बेकरार हैं?
उ. अपनी आवाज़ में असर के लिए।
प्र. 4. ‘साये में धूप’ किस कवि का प्रसिद्ध ग़ज़ल संग्रह है?
उ. दुष्यंत कुमार।
प्र. 5. आखिरी शेर में ‘गुलमोहर’ की चर्चा हुई है। क्या उसका आशय एक खास तरह के फूलदार वृक्ष से है या उसमें कोई सांकेतिक अर्थ निहित है?
उ. गुलमोहर ग्रीष्म ऋतु में खिलने वाला फूलदार वृक्ष है, किन्तु ग़ज़ल में गुलमोहर को व्यक्ति के अधिकारों के प्रतीक के रूप में रखा है, जिसकी प्राप्ति के लिए उसे जीवन भर संघर्षरत रहना चाहिए।
प्र. 6. दुष्यंत की ग़ज़ल का मिज़ाज बदलाव के पक्ष में है। कथन को स्पष्ट कीजिए।
उ. कवि राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था में बदलाव चाहता है। वह समाज के अन्याय के विरुद्ध सामाजिक क्रांति उत्पन्न करने के लिए व्यग्र है, जो अपने अधिकारों की लड़ाई किसी भी स्तर पर, किसी भी सीमा तक लड़े।
प्र. 7. कवि उम्र भर के लिए पलायन क्यों करना चाहता है?
उ. कवि वर्तमान की परिस्थितियों एवं शासकों के जनता के प्रति उदासीन रवैये से नाखुश है। नीति-नियंताओं द्वारा आम लोगों की सुख-सुविधाओं के प्रबंध किए जाने के बजाए शोषण किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में कवि वहाँ से पलायन करके खुशहाली ढूँढने जाना चाहता है।
प्र. 8. शासन एवं शासक का किसी भी क्रांति के प्रति क्या दृष्टिकोण होता है?
उ. कोई भी शासक अपने विरोध में उठने वाली हर आवाज को दबाकर क्रांति को आमजन तक पहुँचने से रोकना चाहता है। वह जानता है कि यदि यह क्रांति समाज में फैल गई तो दमनकारी शासन का अंत निश्चित है।
अध्याय 6: हे भूख! मत मचल / हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर — अक्क महादेवी
प्र. 1. चेन्नमल्लिकार्जुन का अर्थ है?
उ. शिव।
प्र. 2. कन्नड़ की मीरा किसे कहा जाता है?
उ. अक्क महादेवी को।
प्र. 3. अक्क महादेवी किस भाषा की कवयित्री हैं?
उ. कन्नड़।
प्र. 4. ‘अक्क’ का अर्थ है?
उ. बहन।
प्र. 5. अक्क महादेवी किससे अपना मोह छीनने के लिए कहती हैं?
उ. मोह से।
प्र. 6. अक्क महादेवी ईश्वर को क्या कहकर संबोधित करती हैं?
उ. जूही का फूल।
प्र. 7. लक्ष्य प्राप्ति में इंद्रियाँ बाधक होती हैं? स्पष्ट कीजिए।
उ. इंद्रियाँ मनुष्य को अपने वश में करके उससे अपनी इच्छानुसार कार्य कराना चाहती हैं। वह मानव को विषय-वासनाओं के जाल में फँसाकर लक्ष्य-पथ से भटकाती हैं।
प्र. 8. ‘अपना घर’ से क्या तात्पर्य है? इसे भूलने की बात क्यों कही गई है?
उ. यहाँ ‘अपना घर’ से तात्पर्य है— व्यक्तिगत माया-मोह में लिप्त जीवन। व्यक्ति इस सांसारिक घर के मकड़जाल में उलझकर ईश्वर प्राप्ति के लक्ष्य से भटक जाता है। इसलिए यदि व्यक्ति ईश्वर को पाना चाहता है तो उसे अपने सांसारिक जीवन को त्यागना होगा।
प्र. 9. दूसरे वचन में ईश्वर से क्या कामना की गई है और क्यों?
उ. ‘हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर’ कविता में कामना करती हैं कि ईश्वर उससे समस्त भौतिक वस्तुओं को छीन ले। उससे ऐसे तुच्छ काम करवाए जिससे उसका अहंकार समाप्त हो सके ताकि वह ईश्वर के प्रति पूरी तरह समर्पित हो सके।
प्र. 10. कवयित्री अहंकार से क्या न करने का आग्रह करती हैं?
उ. कवयित्री अहंकार से आग्रह करती हैं कि वह मनुष्य को मदहोश न करे, क्योंकि इससे मानव अज्ञान के मार्ग पर चलकर होश खो बैठता है।
प्र. 11. कवयित्री क्रोध, मोह, लोभ, मद एवं ईर्ष्या से क्यों बचना चाहती हैं?
उ. कवयित्री लोभ, क्रोध, मोह से इसलिए बचना चाहती हैं क्योंकि ये दुर्गुण मनुष्य को सांसारिक माया-मोह में जकड़ लेते हैं, जिससे वह ईश्वर को प्राप्त नहीं कर पाता।
अध्याय 7: सबसे खतरनाक — अवतार सिंह संधू ‘पाश’
प्र. 1. सबसे खतरनाक कौन-सी दिशा है?
उ. सपनों का मर जाना।
प्र. 2. सबसे खतरनाक कौन-सा गीत होता है?
उ. शोक गीत (मरसिया)।
प्र. 3. ‘पाश’ मूलतः किस भाषा के कवि हैं?
उ. पंजाबी।
प्र. 4. कवि ने किसे सबसे खतरनाक कहा है?
उ. कवि ने ‘व्यक्ति का मुर्दा शांति से भर जाना’ और ‘सपनों का मर जाना’ को सबसे खतरनाक कहा है।
प्र. 5. कवि ने मेहनत की लूट, पुलिस की मार एवं गद्दारी-लोभ से भी ज़्यादा खतरनाक किसे कहा है?
उ. कवि के अनुसार व्यक्ति मेहनत की लूट, पुलिस की मार से तो उबर सकता है; किन्तु सबसे खतरनाक है उसके सपनों का मर जाना। जब वह अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना बंद कर दे और उदासीन प्रवृत्ति अपना ले, वह सबसे खतरनाक होता है।
प्र. 6. कवि ने पुलिस की मार को सबसे खतरनाक क्यों नहीं माना है?
उ. कवि ने पुलिस की मार इसलिए खतरनाक नहीं माना है क्योंकि यह तो व्यक्ति के जीवन में एक-दो बार ही होती है, जिसे अच्छे आचरण से सुधारा जा सकता है। बल्कि सबसे खतरनाक तो वे घटनाएँ हैं जिनका स्थायी प्रभाव जीवन एवं मन-मस्तिष्क पर पड़ता है।
प्र. 7. कवि ने सबसे खतरनाक दिशा किसे कहा है?
उ. कवि ने सबसे खतरनाक दिशा आत्मा को प्रकाशित करने की दृढ़ता के अभाव को कहा है, जहाँ आत्मा का सूर्य अस्त हो जाता है और जब वह संवेदनहीन हो जाता है।
प्र. 8. समाज में मौजूद खतरनाक बातों को समाप्त करने के लिए आपके क्या सुझाव हैं?
उ. (1) मानव को अपनी आवश्यकताओं पर लगाम लगाना। (2) नैतिक शिक्षा पर बल। (3) नशे की लत से छुटकारा। (4) स्वस्थ जीवन शैली। (5) भाईचारा।
अध्याय 8: आओ मिलकर बचाएँ — निर्मला पुतुल
प्र. 1. कवयित्री ने ‘आओ मिलकर बचाएँ’ में किसका वर्णन किया है?
उ. झारखंड के संथाली आदिवासियों का।
प्र. 2. कवयित्री बच्चों के लिए क्या बचाना चाहती हैं?
उ. मैदान।
प्र. 3. कवयित्री नाचने के लिए क्या बचाना चाहती हैं?
उ. आँगन।
प्र. 4. कवयित्री पूरी बस्ती को किसमें डूबने से बचाना चाहती हैं?
उ. हड़िया (देशी मदिरा) में डूबने से बचाना चाहती हैं।
प्र. 5. ‘माटी का रंग’ प्रयोग करते हुए किस बात की ओर संकेत किया गया है?
उ. ‘माटी का रंग’ वाक्यांश का प्रयोग करते हुए संथाली आदिवासियों से अपनी संस्कृति को बचाने की बात कही है, जिससे वे अपनी प्राचीन परम्पराओं, रीति-रिवाजों, भाषा एवं पर्यावरण को बचा सकें।
प्र. 6. दिल के भोलेपन के साथ अक्खड़पन और जुझारूपन को भी बचाने की आवश्यकता पर क्यों बल दिया गया है?
उ. कवयित्री चाहती हैं कि संथाली आदिवासियों में भोलापन तो हो ही, थोड़ा-सा अड़ियलपन एवं जुझारूपन भी होना चाहिए जो उनकी सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। वे धुन के पक्के होते हैं, जो ठान लेते हैं उसे अपने संघर्ष से प्राप्त कर लेते हैं।
प्र. 7. आप अपने शहर की बस्तियों को किन चीज़ों से बचाना चाहेंगे?
उ. हमें अपने शहर को प्रदूषण से, पेड़-पौधों के कटाव से, बढ़ती आबादी से, जल के अपव्यय से, भ्रष्टाचार आदि बुरे व्यसनों से बचाना चाहिए ताकि बस्ती के लोगों में प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारा बना रहे।
प्र. 8. आदिवासियों का स्वभाव कैसा होता है?
उ. आदिवासी लोग स्वभाव से सरल व विनम्र होते हैं। उनके अन्दर चालाकी या छल नहीं होता। वे कड़ी मेहनत करने वाले, थोड़े-से अड़ियल एवं संघर्षशील होते हैं। वे ईमानदार, स्वाभिमानी एवं उमंग से भरे होते हैं।
प्र. 9. प्रस्तुत कविता आदिवासी समाज की किन बुराइयों की ओर संकेत करती है?
उ. (1) आदिवासी समाज पर शहरी संस्कृति का प्रभाव। (2) उत्साह का अभाव। (3) शराब का सेवन। (4) प्रेम व आत्मविश्वास की कमी।
अध्याय 9: नमक का दारोगा — प्रेमचंद
प्र. 1. उपन्यास सम्राट किसे कहा जाता है?
उ. प्रेमचन्द।
प्र. 2. ‘नमक का दारोगा’ कहानी कौन-से वर्ष प्रकाशित हुई?
उ. 1914.
प्र. 3. आदर्शनोन्मुख यथार्थवादी कथाकार हैं?
उ. प्रेमचन्द।
प्र. 4. नमक की गाड़ियाँ कहाँ जा रही थीं?
उ. कानपुर।
प्र. 5. मासिक वेतन को कहा गया है?
उ. पूर्णमासी का चाँद।
प्र. 6. पंडित अलोपीदीन का किस पर अखण्ड विश्वास है?
उ. लक्ष्मी पर।
प्र. 7. पंडित अलोपीदीन ने वंशीधर को किस पद पर नियुक्त किया?
उ. अपनी संपत्ति का स्थायी मैनेजर।
प्र. 8. कहानी का कौन-सा पात्र सर्वाधिक प्रभावित करता है और क्यों?
उ. मुंशी वंशीधर, क्योंकि वह सत्यनिष्ठ, ईमानदार एवं कर्तव्यपरायण थे।
प्र. 9. ‘नमक का दारोगा’ कहानी में पंडित अलोपीदीन के व्यक्तित्व के कौन-से दो पहलू उभरकर आते हैं?
उ. (1) लक्ष्मी की अखंड शक्ति पर विश्वास। (2) योग्य पात्र की परख तथा निर्णय।
प्र. 10. पं. अलोपीदीन की गाड़ियाँ किसने, कहाँ और क्यों रोकी थीं?
उ. पं. अलोपीदीन की गाड़ियाँ मुंशी वंशीधर ने यमुना नदी पर बने नाव के पुल पर नमक भरा होने के कारण रोकी थीं।
प्र. 11. न्यायालय में पं. अलोपीदीन की विजय क्यों हुई?
उ. पं. अलोपीदीन अपने क्षेत्र के सम्मानित जमींदार थे। अंग्रेज अफसर उनके यहाँ मेहमान बनते थे। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पैसे के दम पर खरीद लिया था। धन के बल पर ही उनकी न्यायालय में विजय हुई।
प्र. 12. पं. अलोपीदीन ने अपने आत्म अपराध-बोध से मुक्ति पाने के लिए क्या किया?
उ. पं. अलोपीदीन ने अपने धन के बल पर ईमानदार वंशीधर को नौकरी से मुअत्तल करा दिया था। यह उनका अपराध था, जिससे मुक्ति पाने के लिए उन्होंने वंशीधर को अपनी जायदाद का स्थायी मैनेजर नियुक्त कर दिया।
अध्याय 10: मियाँ नसीरुद्दीन — कृष्णा सोबती
प्र. 1. कृष्णा सोबती की प्रसिद्ध रचना है?
उ. जिंदगीनामा।
प्र. 2. ‘मियाँ नसीरुद्दीन’ शब्दचित्र कृष्णा सोबती के किस संग्रह से लिया गया है?
उ. हम हशमत।
प्र. 3. मियाँ नसीरुद्दीन कैसे इंसान का प्रतिनिधित्व करते हैं?
उ. जो अपने पेशे को कला का दर्जा देते हैं।
प्र. 4. मियाँ नसीरुद्दीन कितने प्रकार की रोटियाँ बना लेते हैं?
उ. 56 प्रकार की।
प्र. 5. नानबाइयों का मसीहा किसे कहा जाता है?
उ. मियाँ नसीरुद्दीन को।
प्र. 6. ‘तालीम की तालीम बड़ी चीज़ है’ यह कथन किसका है?
उ. मियाँ नसीरुद्दीन का।
प्र. 7. मियाँ नसीरुद्दीन को ‘नानबाइयों का मसीहा’ क्यों कहा जाता है?
उ. लेखिका कृष्णा सोबती ने मियाँ नसीरुद्दीन को नानबाइयों का मसीहा इसलिए कहा है क्योंकि वे 56 प्रकार की रोटी बनाने की कला में माहिर थे।
प्र. 8. लेखिका मियाँ नसीरुद्दीन के पास क्यों गई थीं?
उ. लेखिका ने जब एक साधारण-सी अँधेरी दुकान पर ढेर सारे आटे को सनते हुए देखा एवं जब उन्हें पता चला कि रोटियों के लिए साना जा रहा है, तो रोटियों की कारीगरी तथा नानबाई के विषय में जानने के लिए गई थीं।
प्र. 9. मियाँ नसीरुद्दीन ने अतीत व वर्तमान में क्या अन्तर पाया है?
उ. मियाँ नसीरुद्दीन ने लेखिका को बताया कि अतीत में लोग पकाने-खाने की कद्र करना जानते थे। वे संयमी व भोजन खाने के शौकीन हुआ करते थे। परन्तु वर्तमान में किसी के पास न समय है, न रुचि— निकाली तंदूर से, निगली और हज़म।
प्र. 10. मियाँ नसीरुद्दीन अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति कैसा व्यवहार करते थे?
उ. मियाँ नसीरुद्दीन अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति सम्मान का व्यवहार करते थे। उनसे काम भी पूरा लेते थे और मज़दूरी भी अच्छी देते थे, इसलिए मजदूर उनके पक्के शागिर्द थे।
प्र. 11. मियाँ नसीरुद्दीन के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए?
उ. (1) मियाँ नसीरुद्दीन छप्पन प्रकार की रोटियाँ बनाने में माहिर थे। (2) वे परिश्रमी व ईमानदार थे।
अध्याय 11: अपू के साथ ढाई साल — सत्यजीत राय
प्र. 1. ‘अपू के साथ ढाई साल’ पाठ की विधा है?
उ. संस्मरण।
प्र. 2. ‘पथेर पांचाली’ फिल्म की शूटिंग का काम कितने साल तक चला?
उ. ढाई साल।
प्र. 3. रेलवे लाइन के समीप का काश-फूलों वाला मैदान किससे भरा हुआ था?
उ. काश के फूल।
प्र. 4. ‘अपू के साथ ढाई साल’ नामक संस्मरण किस फिल्म से संबंधित है?
उ. पथेर पांचाली।
प्र. 5. ‘पथेर पांचाली’ फिल्म किस भाषा में बनी है?
उ. बांग्ला।
प्र. 6. अपू की भूमिका निभाने वाले लड़के की उम्र थी?
उ. 6 वर्ष।
प्र. 7. ‘पथेर पांचाली’ फिल्म में मिठाई बेचने वाले का नाम था?
उ. श्रीनिवास।
प्र. 8. ‘पथेर पांचाली’ फिल्म की शूटिंग का कार्य ढाई साल तक क्यों चला?
उ. (1) फुर्सत मिलने पर ही शूटिंग का कार्य किया जाता था। (2) आर्थिक अभाव के कारण। (3) काशफूलों की दशा बदल जाना। (4) अपू की भूमिका के लिए 6 वर्ष के बालक को ढूँढना।
प्र. 9. ‘भूलो’ कुत्ते की जगह दूसरा कुत्ता क्यों लाया गया?
उ. फिल्म का पहला अंश भूलो कुत्ते पर फिल्माया गया था, किन्तु 6 महीने बाद उसकी मृत्यु हो जाने पर दूसरा अंश उसके जैसे दिखने वाले दूसरे कुत्ते पर फिल्माया गया।
प्र. 10. फिल्म की शूटिंग करते समय फिल्मकार को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा? उन्हें सूचीबद्ध कीजिए।
उ. (1) पटकथा चयन (2) पात्रों का चयन (3) आर्थिक आवश्यकता (4) लोकेशन का चुनाव (5) उचित टेक्निशियन (6) जनता का सहयोग।
प्र. 11. बारिश का दृश्य चित्रित करने में क्या मुश्किल आई और उसका समाधान किस प्रकार हुआ?
उ. फिल्म में बारिश का दृश्य फिल्माया जाना था किन्तु उस समय पैसा नहीं था। जब पैसा एकत्रित हुआ तब तक शरद ऋतु आ गई थी। आखिरकार एक दिन मूसलाधार वर्षा हो गई जिससे दृश्य फिल्माया गया और समस्या का समाधान हो गया।
प्र. 12. दूसरे कुत्ते को पालतू दिखाने के लिए निर्देशक महोदय ने क्या तरकीब निकाली?
उ. निर्देशक ने तरकीब निकाली और दुर्गा से कहा कि वह हाथ में मिठाई लेकर कुत्ते को दिखाकर भागे। दुर्गा ने ऐसा ही किया। मिठाई को देखकर कुत्ता शादी से निकलकर बच्चों के पीछे भागा।
अध्याय 12: विदाई-संभाषण — बालमुकुन्द गुप्त
प्र. 1. ‘विदाई-संभाषण’ किस विधा की रचना है?
उ. व्यंग्य।
प्र. 2. विदाई-संभाषण में लेखक ने किस पर व्यंग्य किया है?
उ. लॉर्ड कर्जन।
प्र. 3. ‘विदाई-संभाषण’ व्यंग्य किस रचना का अंश है?
उ. शिवशंभु के चिट्ठे।
प्र. 4. शिवशंभु की दो गायों की कहानी के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहते हैं?
उ. लेखक दो गायों की कहानी के माध्यम से कहना चाहते हैं कि मनुष्य हो या पशु, बिछुड़ने का दुःख दोनों को होता है। जैसे मारने वाली गाय के जाने के बाद दुर्बल गाय ने भी चारा नहीं खाया था, वैसे लॉर्ड कर्जन की विदाई के समय भारतीय लोगों को दुःख हुआ।
प्र. 5. ‘आपके और यहाँ के निवासियों के बीच में कोई तीसरी शक्ति भी है’— यहाँ तीसरी शक्ति किसे कहा गया है?
उ. ईश्वर या ब्रिटिश शासक।
प्र. 6. भारत में लॉर्ड कर्जन के शासन का अन्त समय से पहले क्यों हो गया?
उ. लॉर्ड कर्जन के शासन का अन्त निम्न कारणों से हुआ— (1) कौंसिल में अनुचित कानून पास करना। (2) भारतीयों के विरुद्ध बोलना एवं मनमानी करना। (3) बंग-विच्छेद करना।
प्र. 7. दिल्ली दरबार में लॉर्ड कर्जन की शानो-शौकत का वर्णन कीजिए?
उ. दिल्ली दरबार में ईश्वर तथा एडवर्ड के बाद उनका सर्वोच्च स्थान था। जुलूस में उनका हाथी सबसे ऊँचा था। राजा-रईस सर्वप्रथम उन्हें प्रणाम करते थे।
प्र. 8. भारतीय अनपढ़ जनता के सामने किसका व कौन-सा गीत गाया जाता था?
उ. भारतीय जनता के सामने नर सुल्तान नाम के एक राजकुमार का गीत गाया जाता था। उस गीत का भाव था— ‘प्यारे नरवर गढ़, मेरा प्रणाम ले! आज मैं तुझसे जुदा होता हूँ, तू मेरा अन्नदाता है।’
अध्याय 13: गलता लोहा — शेखर जोशी
प्र. 1. ‘गलता लोहा’ कहानी की विधा है?
उ. कहानी।
प्र. 2. ‘दाज्यू’ किसकी रचना है?
उ. शेखर जोशी।
प्र. 3. मास्टर त्रिलोक सिंह ने धनराम को कितने का पहाड़ा याद करने को दिया?
उ. तेरह (13) का पहाड़ा।
प्र. 4. ‘उसकी आँखों में एक सर्जक की चमक थी’ यह कथन किसके लिए कहा गया है?
उ. मोहन के लिए।
प्र. 5. वंशीधर ने मोहन को पढ़ने के लिए कहाँ भेजा?
उ. लखनऊ।
प्र. 6. धनराम क्या काम करता था?
उ. लोहार का।
प्र. 7. मोहन के गुरु का क्या नाम था?
उ. त्रिलोक सिंह।
प्र. 8. धनराम मोहन को अपना प्रतिद्वंद्वी क्यों नहीं समझता था?
उ. पहला कारण: मोहन ब्राह्मण था जबकि धनराम लुहार। बचपन से ही धनराम के मन में जातिगत हीनता की भावना भर दी गई थी। दूसरा कारण: मोहन के सबसे अधिक होशियार एवं मास्टर त्रिलोक सिंह का चहेता होने के कारण वह उसे प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता था।
प्र. 9. धनराम को मोहन के किस व्यवहार पर आश्चर्य होता है और क्यों?
उ. उसके आश्चर्य का कारण था कि ब्राह्मण जाति के युवक ने लुहार जाति के लड़के की दुकान पर बैठकर अपने हाथों से हथौड़े से लोहे की छड़ को गोल छल्ले के समान बना दिया था। गाँव में उच्च जाति के व्यक्ति का निम्न जाति के टोले के व्यक्ति के पास बैठना मर्यादा के विरुद्ध था।
प्र. 10. गाँव और शहर दोनों जगह पर रहने वाले मोहन के जीवन संघर्ष में क्या फर्क है?
उ. मोहन के जीवन में संघर्ष ही है। गाँव के स्कूल में मेधावी छात्र था, आगे की पढ़ाई के लिए दो मील की चढ़ाई चढ़कर चार मील नदी पार करके जाना पड़ता। वहीं शहर में भी दूसरों के घर नौकर जैसा रहना पड़ा। विद्यालय में तकनीकी शिक्षा भी निम्न थी एवं नौकरी के लिए भी उसे जगह-जगह भटकना पड़ा। अन्त में बेरोज़गार होकर गाँव लौटना पड़ा।
प्र. 11. धनराम नाम का बालक कक्षा 3 तक ही पढ़ाई क्यों कर सका?
उ. वह मंदबुद्धि बालक था, जिस कारण स्कूल में मास्टर जी और घर पर पिता की पिटाई से तंग आकर उसने पढ़ाई छोड़कर पैतृक पेशा अपनाया।
प्र. 12. मोहन के चरित्र की दो विशेषताएँ बताइए जो आपको प्रभावित करती हैं?
उ. (1) वह पढ़ाई में मेधावी था। (2) मेहनती। (3) संघर्षशील। (4) जातिगत भेदभाव की जगह भाईचारे को महत्व देने वाला। (5) पिता की आज्ञा का पालन करने वाला।
अध्याय: रजनी — मन्नू भंडारी
प्र. 1. मन्नू भंडारी द्वारा रचित ‘रजनी’ मूलतः क्या है?
उ. पटकथा।
प्र. 2. अन्याय का डटकर मुकाबला करने की बात कहती है?
उ. रजनी।
प्र. 3. रजनी के पति का क्या नाम था?
उ. रवि।
प्र. 4. डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन से रजनी किसकी शिकायत करती है?
उ. ट्यूशन रैकेट की।
प्र. 5. ‘रजनी’ पटकथा का पात्र अमित कौन-सी कक्षा में पढ़ता है?
उ. सातवीं में।
प्र. 6. ‘रजनी’ में कौन-सी समस्या उजागर की गई है?
उ. शिक्षा के व्यावसायीकरण की।
प्र. 7. ‘रजनी’ पटकथा में कितने दृश्य हैं?
उ. 7 दृश्य।
प्र. 8. रजनी ने अमित के मुद्दे को गंभीरता से क्यों उठाया?
उ. (1) क्योंकि वह अमित से बहुत स्नेह करती है। (2) अमित उसकी मित्र (लीला) का बेटा था। (3) वह अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने का सामर्थ्य रखती है।
प्र. 9. रजनी किन परिस्थितियों में ट्यूशन लेने को सही मानती है?
उ. रजनी समाज की उन्नति एवं विकास के लिए शिक्षा को अनिवार्य मानती है। इसके लिए प्रत्येक बच्चे को पढ़ना ज़रूरी है, किन्तु जो बच्चा कमज़ोर हो एवं उसके माता-पिता को बच्चे को पढ़ाने का समय न मिलता हो, उसके लिए ट्यूशन लेना सही समझती है।
प्र. 10. लेखिका मन्नू भंडारी ने शिक्षा के क्षेत्र में किस समस्या को क्यों लिया है?
उ. लेखिका मन्नू भंडारी ने शिक्षा के व्यावसायीकरण की भावना पर ध्यान खींचा है। आज अध्यापक धन कमाने की भावना बिठा लेता है। इसके लिए वह होशियार बच्चों को भी परीक्षा में कम अंक देकर ट्यूशन लेने के लिए दबाव डालता है। वह कक्षा में बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं करता। अतः आज शिक्षा एक व्यवसाय बन गई है।
अध्याय: जामुन का पेड़ — कृश्नचंदर
प्र. 1. जामुन के पेड़ के नीचे दबे व्यक्ति को सर्वप्रथम किसने देखा?
उ. माली ने।
प्र. 2. ‘जामुन का पेड़’ कैसी कथा है?
उ. हास्य-व्यंग्य।
प्र. 3. लेखक की नव प्रकाशित रचना का क्या नाम था?
उ. ओस।
प्र. 4. जामुन के पेड़ के नीचे दबा व्यक्ति पेशे से क्या था?
उ. कवि।
प्र. 5. जामुन के पेड़ के नीचे दबे व्यक्ति ने किसका शेर सुनाया था?
उ. मिर्ज़ा ग़ालिब का।
प्र. 6. जामुन का पेड़ कहाँ गिरा था?
उ. सेक्रेटेरिएट के लॉन में।
प्र. 7. दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली थी?
उ. सचिवालय के लॉन में जामुन के पेड़ के नीचे एक दबे आदमी को सबसे पहले माली ने देखा। अतः उसको बाहर निकालने की फाइलें 3 दिन तक कार्यालयों में घूमती रहीं। तीसरे दिन माली ने दबे हुए आदमी को खिचड़ी खिलाई एवं कहा कि कल सब काम हो जाएगा, तब दबे हुए आदमी ने मिर्ज़ा ग़ालिब का शेर सुनाया। जिससे पता चला कि वह आदमी कवि है।
प्र. 8. कृषि विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया?
उ. कृषि विभाग ने तर्क दिया कि विभाग खेती-बाड़ी का काम देखता है, जबकि जामुन का पेड़ एक फलदार पेड़ है जो हॉर्टीकल्चर विभाग के अन्तर्गत आता है।
प्र. 9. इस कहानी में हास्य-व्यंग्य के साथ करुणा की भी अंतर्धारा है। इसके पक्ष में अपने तर्क दीजिए।
उ. कहानी में हास्य-व्यंग्य का पुट है। जामुन के पेड़ के नीचे दबे व्यक्ति को देखने भीड़ एकत्र होती है। वह जामुन की तारीफ़ करते हुए आदमी को काटकर निकालने की बात करते हैं। उधर पेड़ के नीचे दबा आदमी चिल्लाता है कि मैं ज़िंदा हूँ, मुझे निकालो; किन्तु उसे बचाने का प्रयत्न कोई नहीं करता, जो करुणा को जन्म देता है।
प्र. 10. क्या पेड़ के नीचे दबे आदमी को पेड़ को बिना काटे निकाला जा सकता था?
उ. हाँ, अगर दर्शक लोग मिलकर पेड़ को थोड़ा-सा ऊपर उठाते तथा कुछ दर्शक उसे पकड़ कर सरका देते या क्रेन की सहायता से पेड़ को ऊँचा करके आदमी को निकाला जा सकता था।
अध्याय: भारत माता — जवाहरलाल नेहरू
प्र. 1. पंचशील के सिद्धान्त का प्रचार किसने किया था?
उ. जवाहरलाल नेहरू।
प्र. 2. ‘भारत माता’ पाठ ‘हिन्दुस्तान की कहानी’ का कौन-सा अध्याय है?
उ. पाँचवाँ।
प्र. 3. चाचा नेहरू के जन्म दिवस को किस दिवस के रूप में मनाया जाता है?
उ. बाल दिवस के रूप में।
प्र. 4. भारत की चर्चा नेहरू जी किससे और कहाँ करते थे?
उ. जलसे में किसानों से।
प्र. 5. किसान सामान्यतः भारत माता का अर्थ किससे लेते हैं?
उ. धरती से।
प्र. 6. नेहरू के आलेख ‘भारत माता’ का अंग्रेजी से अनुवाद किसने किया?
उ. हरिभाऊ उपाध्याय ने।
प्र. 7. नेहरू जी भारत के सभी किसानों से कौन-सा प्रश्न बार-बार करते थे?
उ. (1) ‘भारत माता की जय’ नारे से उनका क्या मतलब है?
(2) यह भारत माता कौन है?
(3) कौन-सी धरती? गाँव की, सूबे की या सारे हिन्दुस्तान की धरती?
प्र. 8. दुनिया के बारे में किसानों को बताना नेहरू जी के लिए क्यों आसान था?
उ. (1) भारत के पुराने महाकाव्यों-पुराणों ने उन्हें देश की कल्पना करा दी थी।
(2) कुछ लोगों ने भारत के चारों कोनों में बड़े तीर्थों की यात्रा कर रखी थी।
प्र. 9. ‘भारत माता’ के प्रति नेहरू जी की क्या अवधारणा थी?
उ. नेहरू जी धरती को भारत माता मानते थे। उनके साथ ही नदियाँ, पहाड़, खेत, जंगल एवं भारत की धरती पर रहने वाले करोड़ों लोगों को भारत माता का अंग मानते थे। करोड़ों लोगों की जय ही भारत की जय थी।
प्र. 10. आज़ादी के पूर्व किसानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था?
उ. आज़ादी के पूर्व किसानों को गरीबी, कज़दारी, शोषण, कड़ा लगान, ब्याज देना और पुलिस के ज़ुल्म सहने पड़ते थे। यह सब विदेशी सरकार के दिए कष्ट थे।
प्र. 11. आज़ादी के पूर्व भारत निर्माण को लेकर नेहरू जी के क्या सपने थे?
उ. आज़ादी से पूर्व नेहरू जी के सपने थे कि गरीबी को दूर किया जायेगा। किसानों पर कर्ज़ नहीं होगा। पूँजीपतियों, ज़मींदारों द्वारा शोषण नहीं होगा। लगान, पुलिस के अत्याचार नहीं होंगे। शिक्षा, औद्योगिक विकास, चिकित्सा सुविधा, तकनीकी शिक्षा पर बल एवं नारी की दशा सुधरेगी।
प्र. 12. भारत के विकास को लेकर आप क्या सपने देखते हैं?
उ. (1) सबको रोज़गार मिले। (2) सभी शिक्षित हों। (3) सभी को भरपेट भोजन मिले। (4) गरीबी व शोषण से मुक्ति। (5) यातायात के साधन। (6) हर नागरिक खुश हो।
प्र. 13. वर्तमान समय में किसानों की स्थिति किस सीमा तक बदली है?
उ. वर्तमान में किसानों की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। वे अपने खेतों के स्वामी हैं, उन्हें लगान नहीं देना पड़ता। सरकार कम ब्याज पर ऋण देती है, फसल का उचित मूल्य दिया जाता है। संकट में अच्छे बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयाँ, बिजली, पानी, खेती के यंत्र सस्ते दामों पर देती है।
प्र. 14. नेहरू जी साथियों को किसानों से क्यों और क्या बात करते थे?
उ. नेहरू जी किसानों को देश की विशालता के बारे में बताते थे कि देश का एक हिस्सा दूसरे हिस्से से अलग होते हुए भी हिन्दुस्तान एक ही है।
प्र. 15. प्रस्तुत निबंध ‘भारत माता’ कब और क्यों लिखा गया?
उ. प्रस्तुत लेख ‘भारत माता’ नेहरू जी की “हिन्दुस्तान की कहानी” का एक अंश है। यह भारत की गुलामी के समय लिखा गया था। अंग्रेज़ भारतीयों पर अत्याचार कर रहे थे, उनका नैतिक पतन हो रहा था। अतः भारतीयों को अंग्रेज़ों की कूटनीति का ज्ञान कराने तथा भारत को आज़ाद कराने के लिए यह लेख लिखा गया।
वितान: भारतीय गायिकाओं में बेजोड़: लता मंगेशकर — कुमार गंधर्व
प्र. 1. लता मंगेशकर के पिता का क्या नाम था?
उ. दीनानाथ मंगेशकर।
प्र. 2. शास्त्रीय गायन की महफ़िल कितने घंटे की होती है?
उ. 3 घंटे की।
प्र. 3. चित्रपट संगीत का मुख्य गुण क्या है?
उ. चपलता।
प्र. 4. लता जी की लोकप्रियता का मुख्य मर्म है?
उ. गानपन।
प्र. 5. लता मंगेशकर से पहले चित्रपट संगीत में कौन-सी गायिका का बोलबाला था?
उ. नूरजहाँ।
प्र. 6. शास्त्रीय संगीत और चित्रपट संगीत में अन्तर बताइए।
उ. (1) शास्त्रीय संगीत में गंभीरता होती है, चित्रपट संगीत में द्रुतलय और चपलता होती है।
(2) शास्त्रीय संगीत का ताल परिष्कृत कोटि का होता है, जबकि चित्रपट संगीत का ताल प्राथमिक अवस्था का होता है।
प्र. 7. शास्त्रीय गायकी से आप क्या समझते हैं?
उ. शास्त्रीय गायकी में कुछ निर्धारित नियमों के अन्दर ही गाया-बजाया जाता है। ख्याल, ध्रुपद, धमार आदि शास्त्रीय गायकी के अन्तर्गत आता है।
प्र. 8. लय कितने प्रकार की होती है?
उ. लय 3 प्रकार की होती है— (1) विलम्बित लय (2) मध्य लय (3) द्रुत लय।
प्र. 9. लता के गायन की विशेषताएँ बताइए।
उ. लता के गायन की निम्न विशेषताएँ हैं— (1) गानपन (2) स्वरों की कोमलता (3) निर्मलता (4) नादमय उच्चार।
वितान: राजस्थान की रजत बूँदें — अनुपम मिश्र
प्र. 1. कुँई की खुदाई किससे की जाती है?
उ. बसौली से।
प्र. 2. कुँई की खुदाई करने वाले को क्या कहा जाता है?
उ. चेलवांजी (चेजारो)।
प्र. 3. वह भूजल जो कुँई से निकाला जाता है, उसे कहते हैं?
उ. रेजाणी पानी।
प्र. 4. कुँई को बाँधने वाली रस्सी किस घास से बनती है?
उ. खींप नाम घास से।
प्र. 5. कुँई की चिनाई करने के लिए सबसे उम्दा लकड़ी कौन-सी होती है?
उ. अरणी की।
प्र. 6. रेजाणी पानी किसे कहते हैं?
उ. धरातल से नीचे उतरा लेकिन पाताल में न मिला पानी।
प्र. 7. कुँई किसे कहते हैं? कुआँ और कुँई में क्या अन्तर है?
उ. राजस्थान में रेजाणी पानी को प्राप्त करने के लिए कम व्यास की कुँई खोदी जाती है, जबकि कुएँ का व्यास ज़्यादा होता है।
प्र. 8. राजस्थान की मरुभूमि में कितने प्रकार का पानी मिलता है?
उ. राजस्थान में 3 प्रकार का पानी मिलता है—
(1) पालरपानी: वर्षा से सीधे प्राप्त होने वाला पानी।
(2) पातालपानी: वर्षा का वो पानी जो धरती के गर्भ में खड़िया पत्थर की पट्टी में मिल जाता है जो खारा होता है।
(3) रेजाणी पानी: वर्षा का वो पानी जो पालर पानी एवं पाताल पानी के बीच नमी के रूप में कुँइयों में इकट्ठा होता है।
प्र. 9. कुँई का मुँह छोटा क्यों रखा जाता है?
उ. (1) पानी को सरलता से निकालने के लिए।
(2) एकत्रित पानी वाष्प बनकर उड़ने से रोकने के लिए।
(3) ढक्कन लगाकर सुरक्षित रखने के लिए।
प्र. 10. कुँई की खुदाई करते समय चेजारो अपने सिर पर टोप क्यों पहनते हैं?
उ. कुँई की खुदाई करने वाले चेजारों को रेत और कंकड़-पत्थर से चोट न लगे, इसलिए सुरक्षित रहने पीतल या धातु का टोप पहनते हैं।
प्र. 11. राजस्थान में खड़िया पत्थर की पट्टी किस क्षेत्र में पाई जाती है?
उ. राजस्थान के रेतीले इलाके में चूरू, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर आदि क्षेत्रों में पाई जाती है, जो वर्षा के पानी को खारे पानी में मिलने से रोकती है।
वितान: आलो-आँधारि — बेबी हालदार
प्र. 1. ‘आलो-आँधारि’ का शाब्दिक अर्थ है?
उ. अँधेरे का उजाला।
प्र. 2. ‘आलो-आँधारि’ पाठ किस विधा में लिखा गया है?
उ. आत्मकथा।
प्र. 3. ‘आलो-आँधारि’ मूलतः किस भाषा में लिखी गई है?
उ. बांग्ला भाषा में।
प्र. 4. तातुश पेशे से क्या थे?
उ. शिक्षक।
प्र. 5. तातुश के यहाँ बेबी हालदार को किसने काम दिलाया?
उ. सुनील ने।
प्र. 6. बेबी हालदार ने कहाँ तक पढ़ाई की है?
उ. छठी-सातवीं तक।
प्र. 7. तातुश ने बेबी हालदार को सर्वप्रथम पढ़ने को कौन-सी पुस्तक दी?
उ. आमार मेयेबेला।
प्र. 8. बेबी हालदार का घर टूटने के बाद उसे किसने आश्रय दिया?
उ. तातुश ने।
प्र. 9. बेबी हालदार को क्या शौक था?
उ. सजने-सँवरने का।
प्र. 10. बेबी की ज़िन्दगी में तातुश का परिवार न आया होता तो उसका जीवन कैसा होता?
उ. बेबी की ज़िन्दगी में तातुश का परिवार न आया होता तो वही दिन-रात का खटना, आवास, भोजन, स्वास्थ्य की समस्याएँ होतीं। लोगों के ताने, छेड़छाड़, धमकियाँ व बच्चे शिक्षामहीन ही रहते।
प्र. 11. सुनील कौन था? उसने बेबी की सहायता किस प्रकार की?
उ. सुनील 30-32 वर्ष का नवयुवक एवं बेबी का पड़ोसी था। उसने बेबी को तातुश के यहाँ काम दिलाकर मदद की थी।
प्र. 12. तातुश ने बेबी को क्या दिया? उस पर बेबी की क्या प्रतिक्रिया थी?
उ. तातुश ने बेबी को बांग्ला की एक-दो पुस्तकें पढ़ने को दीं। कुछ दिन बाद तातुश ने बेबी को कॉपी और पेन देकर लिखने को कहा। जिस पर वह सोचने लगी कि इतने वर्षों बाद वह लिख पाएगी या नहीं।
प्र. 13. बेबी को अपनी माँ की मृत्यु का समाचार कब और कैसे प्राप्त हुआ?
उ. बेबी को तातुश के यहाँ काम करते हुए लम्बा समय बीत गया था। एक दिन उसके पिता ढूँढते-ढूँढते तातुश के घर आ गए। बेबी द्वारा माँ का हालचाल पूछने पर मालूम हुआ कि उसकी माँ का देहांत हुए 6-7 माह बीत चुके हैं।
प्र. 14. तातुश प्रत्येक सुबह बेबी के आने पर खुश क्यों हो जाते थे?
उ. तातुश पूरे दिन अकेले रहते थे। वह बेबी को स्नेह करते थे व बेटी की तरह मानते थे। उससे बात करके तातुश को आनन्द मिलता था। इसलिए वे हमेशा उसकी सहायता के लिए तैयार रहते थे।
वितान: भारतीय कलाएँ — संकलित
प्र. 1. मधुबनी चित्रकला किस प्रांत की है?
उ. मिथिला (बिहार)।
प्र. 2. भारतीय कलाओं का स्वर्णयुग माना जाता है?
उ. गुप्त काल को।
प्र. 3. शास्त्रीय नृत्य कुचिपुड़ी किस प्रांत का है?
उ. आंध्र प्रदेश का।
प्र. 4. कलमकारी किस प्रदेश की चित्रकारी है?
उ. आंध्र प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की।
प्र. 5. सबसे प्राचीन चित्र किसे माना जाता है?
उ. शैल चित्रों को।
प्र. 6. भारतीय संगीत किससे संबद्ध है?
उ. सुर, ताल, राग और काल से।
प्र. 7. रात्रि में गाये जाने वाले राग कौन-से हैं?
उ. कौशिक और हिंडोल।
प्र. 8. भारतीय कलाओं और भारतीय संस्कृति में क्या संबंध है?
उ. भारतीय कलाएँ और भारतीय संस्कृति परस्पर संबद्ध हैं। देश के भिन्न-भिन्न अंचलों की संस्कृति को आगे बढ़ाने में कलाओं का विशिष्ट योगदान है। ये कलाएँ जन्मोत्सव से लेकर शादी-ब्याह, पूजा-पाठ, खेती-बाड़ी से जुड़ी हुई हैं।
प्र. 9. अजन्ता और एलोरा की गुफाओं के बारे में आप क्या जानते हैं?
उ. अजन्ता की गुफाएँ चौथी से छठवीं शताब्दी तक बनी हैं। इनकी दीवारों पर आकर्षक चित्र बनाये गये हैं। जबकि एलोरा की गुफाएँ सातवीं-आठवीं सदी में बनी हैं। यहाँ का कैलाशनाथ का विशाल मंदिर प्रसिद्ध है।
प्र. 10. लघु चित्र क्या हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं?
उ. लघु चित्र दो प्रकार के होते हैं— (1) अस्थायी लघु चित्र (2) स्थायी लघु चित्र।
प्र. 11. भारतीय संगीत मुख्यतः किससे संबद्ध है?
उ. सुर, ताल, राग और काल से।
प्र. 12. भारतीय संगीतज्ञों की प्रमुख विशेषता क्या है?
उ. भारतीय संगीतज्ञों की प्रमुख विशेषता है कि वह किसी भी वस्तु से संगीत निकाल सकते हैं। वीणा, जलतरंग, रुबाब, दोतार और बाँसुरी को देखकर यह समझा जा सकता है।
अभिव्यक्ति और माध्यम (भाग 1)
प्र. 1. शब्द परी के अनुसार शब्द लोक की आबादी है?
उ. 5 लाख।
प्र. 2. संपादक की भाषा होनी चाहिए?
उ. सीधी एवं सरल।
प्र. 3. सर्कुलर को हिन्दी में क्या कहते हैं?
उ. परिपत्र।
प्र. 4. संचार प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को क्या कहते हैं?
उ. शोर (नॉइस)।
प्र. 5. हिन्दी का पहला साप्ताहिक पत्र कौन-सा है?
उ. उदंत मार्तंड (जुगल किशोर मिश्र, 1826)।
प्र. 6. संचार प्रक्रिया में प्राप्तकर्ता की प्रतिक्रिया को क्या कहते हैं?
उ. फीडबैक।
प्र. 7. स्टिंग ऑपरेशन से आप क्या समझते हैं?
उ. खोजी पत्रकारिता का नया रूप।
प्र. 8. आनुषंगिक टिप्पण क्या है?
उ. अपनी सहमति या असहमति देना।
प्र. 9. सरकारी पत्र आते हैं?
उ. औपचारिक पत्र।
प्र. 10. संचार के माध्यमों की खोज क्यों की गई?
उ. संदेशों के आदान-प्रदान में लगने वाले समय को कम करने के लिए।
प्र. 11. संचार के मुख्य तत्वों के नाम लिखिए?
उ. स्रोत, एनकोडिंग (भाषा), संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता, फीडबैक आदि।
प्र. 12. संचार के प्रकारों के नाम बताइए?
उ. सांकेतिक संचार, मौखिक, अंतःवैयक्तिक, समूह संचार आदि।
प्र. 13. वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण संचार कौन-सा है?
उ. जनसंचार (मास कम्यूनिकेशन)।
प्र. 14. जनसंचार के आधुनिक माध्यम कौन-कौन से हैं?
उ. समाचार-पत्र, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा, इंटरनेट इत्यादि।
प्र. 15. भारत में छपने वाला पहला अखबार कौन-सा था?
उ. बंगाल गजट (1780, कलकत्ता)।
प्र. 16. ब्रेकिंग न्यूज़ से क्या आशय है?
उ. जब कोई बड़ी खबर दर्शकों तक कम शब्दों में तत्काल पहुँचाई जाए।
प्र. 17. वर्तमान का लोकप्रिय जनसंचार माध्यम क्या है?
उ. इंटरनेट।
प्र. 18. इंटरनेट क्या है? इसके एक लाभ एवं एक हानि बताइए।
उ. इंटरनेट ऐसा माध्यम है, जिसमें प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविज़न, किताब, सिनेमा तथा पुस्तकालय के गुण हैं।
- लाभ: हमें विश्व का सदस्य बना दिया।
- हानि: बच्चों तथा युवाओं में अकेलापन बढ़ता जा रहा है।
अभिव्यक्ति और माध्यम (भाग 2: पत्रकारिता)
प्र. 1. पत्रकारिता का मूल तत्व क्या है?
उ. जिज्ञासा।
प्र. 2. समाचार प्राप्त करने के माध्यम कौन-कौन से हैं?
उ. समाचार पत्र, इंटरनेट, रेडियो, टेलीविज़न, मोबाइल इत्यादि।
प्र. 3. पत्रकारिता लोकतन्त्र का कौन-सा स्तम्भ है?
उ. चौथा।
प्र. 4. समाचार माध्यम किसके लिए काम करते हैं?
उ. पाठकों, श्रोताओं और दर्शकों के लिए।
प्र. 5. पत्रकार की बैसाखियाँ कौन-कौन सी हैं?
उ. सच्चाई, संतुलन, निष्पक्षता व स्पष्टता।
प्र. 6. दैनिक समाचार के लिए किन्हीं दो एजेंसियों के नाम बताइये?
उ. P.T.I (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) तथा U.N.I (यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया)।
प्र. 7. समाचार पत्र का सबसे महत्वपूर्ण पृष्ठ कौन-सा है?
उ. संपादकीय पृष्ठ।
प्र. 8. पत्रकारिता के कोई दो प्रकार लिखिए?
उ. खोजपरक पत्रकारिता तथा वॉच-डॉग पत्रकारिता।
प्र. 9. स्टिंग ऑपरेशन क्या है?
उ. जब पत्रकार छिपे कैमरे से गैर-कानूनी, अवैध और असामाजिक गतिविधियों को फिल्माता व दिखाता है।
प्र. 10. ‘वॉच-डॉग’ पत्रकारिता किसे कहते हैं?
उ. सरकार के कामकाज पर निगाह रखना व कहीं गड़बड़ी हो तो उसका जनता के सामने पर्दाफाश करना ही वॉच-डॉग पत्रकारिता कहलाता है।
अभिव्यक्ति और माध्यम (भाग 3: व्यावहारिक लेखन)
प्र. 1. डायरी किसे कहते हैं?
उ. डायरी हमारा अंतरंग साक्षात्कार और संवाद है।
प्र. 2. दो डायरियों के नाम लिखिए?
उ. (1) पैरों में पंख बाँधकर (रामवृक्ष बेनीपुरी) (2) रूस में पच्चीस मास (राहुल सांकृत्यायन)।
प्र. 3. पटकथा लिखने के लिए सर्वप्रथम किस चीज़ की आवश्यकता होती है?
उ. कथा (कहानी)।
प्र. 4. पटकथा की मूल इकाई क्या होती है?
उ. दृश्य।
प्र. 5. पत्रों की भाषा कैसी होनी चाहिए?
उ. सरल, सहज, बोधगम्य।
प्र. 6. टिप्पणी किसे कहते हैं?
उ. किसी विचाराधीन पत्र को निपटाने के लिए उस पर जो राय या मंतव्य दिया जाता है, उसे टिप्पणी कहते हैं।
प्र. 7. टिप्पणी का आकार-प्रकार कैसा होना चाहिए?
उ. टिप्पणी संक्षिप्त व तर्कसंगत होनी चाहिए।
प्र. 8. आनुषंगिक टिप्पणी किसे कहते हैं?
उ. मुख्य टिप्पणी के नीचे जो मंतव्य लिखा जाता है।
प्र. 9. अनुस्मारक या स्मरण पत्र क्यों लिखते हैं?
उ. जब किसी पत्र का समय पर उत्तर प्राप्त नहीं होता, तो याद दिलाने के लिए अनुस्मारक पत्र लिखा जाता है।
प्र. 10. अनौपचारिक पत्र को क्या कहते हैं?
उ. अर्धसरकारी पत्र।
प्र. 11. अर्धसरकारी पत्र क्यों लिखे जाते हैं?
उ. जब किसी मसले पर संबंधित अधिकारी का व्यक्तिगत रूप से ध्यान आकर्षित करने के लिए।
प्र. 12. कार्यसूची क्या होती है?
उ. जब किसी बैठक में निर्धारित विषयों की अग्रिम जानकारी दी जाती है।
प्र. 13. कार्यवृत्त किसे कहते हैं?
उ. बैठक के फैसलों का लिखित रूप।
प्र. 14. पत्र कितने प्रकार के होते हैं?
उ. पत्र 2 प्रकार के होते हैं— (1) औपचारिक (सरकारी) (2) अनौपचारिक (अर्धसरकारी / व्यक्तिगत)।